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कुबेर धन प्राप्ति मंत्र - Kuber Dhan Prapti Mantra

॥ Kuber Dhan Prapti Mantra ॥

कुबेर धन प्राप्ति मंत्र - Kuber Dhan Prapti Mantra
॥ कुबेर धन प्राप्ति मंत्र ॥

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
॥ अर्थ ॥

यह कुबेर मंत्र भगवान कुबेर से धन, धान्य और समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना है। यह मंत्र आर्थिक उन्नति और समृद्धि के लिए जपा जाता है।

मंत्र का उद्गम एवं संदर्भ

कुबेर, जिन्हें धन के देवता के रूप में जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। यह मंत्र भगवान कुबेर को समर्पित है और इसका उल्लेख विभिन्न प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। माना जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को आर्थिक समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है। कुबेर को यक्षों का राजा भी माना जाता है, जो धन और संपत्ति के रक्षक हैं। इसलिए, इस मंत्र में 'यक्षाय' शब्द का प्रयोग किया गया है।

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

ॐ: यह एक पवित्र ध्वनि है, जो ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक है।
यक्षाय: यक्षों के राजा कुबेर को।
कुबेराय: भगवान कुबेर को।
वैश्रवणाय: वैश्रवण के पुत्र कुबेर को (कुबेर का एक नाम)।
धनधान्याधिपतये: धन और धान्य के स्वामी को।
धनधान्यसमृद्धिं: धन और धान्य की समृद्धि।
मे: मुझे।
देहि: प्रदान करें।
दापय: दिलाएं।
स्वाहा: अर्पण या समर्पण।

मंत्र के लाभ

आर्थिक समृद्धि

यह मंत्र आर्थिक समृद्धि और धन की प्राप्ति में सहायक होता है।

धन-धान्य की वृद्धि

यह मंत्र धन और धान्य की वृद्धि करता है, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

समृद्धि और खुशहाली

यह मंत्र जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाता है, जिससे जीवन सुखमय बनता है।

नकारात्मक ऊर्जा का नाश

यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

मंत्र जाप विधि

  1. चरण 1: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. चरण 2: एक शांत और पवित्र स्थान चुनें, जहाँ आप ध्यान केंद्रित कर सकें।
  3. चरण 3: भगवान कुबेर की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  4. चरण 4: कुबेर यंत्र को स्थापित करें और उसकी पूजा करें।
  5. चरण 5: रुद्राक्ष या तुलसी की माला से मंत्र का जाप करें।
  6. चरण 6: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
  7. चरण 7: जाप के बाद, भगवान कुबेर से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मंत्र कौन जप सकता है?

यह मंत्र कोई भी जप सकता है जो धन और समृद्धि की कामना करता है।

मंत्र जाप के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?

मंत्र जाप के लिए सबसे अच्छा समय सुबह या शाम का होता है।

क्या मंत्र जाप के लिए किसी विशेष आसन की आवश्यकता है?

मंत्र जाप के लिए किसी भी आरामदायक आसन में बैठ सकते हैं, लेकिन पद्मासन या सुखासन सबसे अच्छे माने जाते हैं।

क्या मंत्र जाप के दौरान किसी विशेष रंग के वस्त्र पहनने चाहिए?

मंत्र जाप के दौरान पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।