बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम...
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥ बारम्बार...
प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम।
सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥ बारम्बार...
चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम।
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम॥ बारम्बार...
देवि देव! दयनीय दशा में दया-दया तब नाम।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल शरण रूप तब धाम॥ बारम्बार...
श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या श्री क्लीं कमला काम।
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम॥ बारम्बार...
॥ इति संपूर्णंम् ॥
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥ बारम्बार...
प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम।
सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥ बारम्बार...
चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम।
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम॥ बारम्बार...
देवि देव! दयनीय दशा में दया-दया तब नाम।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल शरण रूप तब धाम॥ बारम्बार...
श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या श्री क्लीं कमला काम।
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम॥ बारम्बार...
॥ इति संपूर्णंम् ॥
Barambar Pranam, Maiya Barambar Pranam...
Jo Nahin Dhyave Tumhein Ambike, Kahan Use Vishram.
Annapurna Devi Naam Tiharo, Let Hot Sab Kaam. || Barambar...
Pralay Yugantar Aur Janmantar, Kalantar Tak Naam.
Sur Suron Ki Rachna Karti, Kahan Krishna Kahan Ram. || Barambar...
Chumahi Charan Chatur Chaturanana, Charu Chakradhar Shyam.
Chandrachud Chandranan Chakar, Shobha Lakhi Lalam. || Barambar...
Devi Dev! Dayneey Dasha Mein Daya-Daya Tab Naam.
Trahi-Trahi Sharanagat Vatsal Sharan Roop Tab Dham. || Barambar...
Shrim, Hreem Shraddha Shri Ai Vidya Shri Kleem Kamala Kaam.
Kanti, Bhramtimayi, Kanti Shantimayi, Var De Tu Nishkam. || Barambar...
॥ Iti Sampurnam ॥
Jo Nahin Dhyave Tumhein Ambike, Kahan Use Vishram.
Annapurna Devi Naam Tiharo, Let Hot Sab Kaam. || Barambar...
Pralay Yugantar Aur Janmantar, Kalantar Tak Naam.
Sur Suron Ki Rachna Karti, Kahan Krishna Kahan Ram. || Barambar...
Chumahi Charan Chatur Chaturanana, Charu Chakradhar Shyam.
Chandrachud Chandranan Chakar, Shobha Lakhi Lalam. || Barambar...
Devi Dev! Dayneey Dasha Mein Daya-Daya Tab Naam.
Trahi-Trahi Sharanagat Vatsal Sharan Roop Tab Dham. || Barambar...
Shrim, Hreem Shraddha Shri Ai Vidya Shri Kleem Kamala Kaam.
Kanti, Bhramtimayi, Kanti Shantimayi, Var De Tu Nishkam. || Barambar...
॥ Iti Sampurnam ॥
श्री अन्नपूर्णा देवी का महत्व
"बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम" आरती माँ अन्नपूर्णा को समर्पित है, जो अन्न (Food) और पोषण (Nourishment) की देवी हैं। वह माँ पार्वती का ही एक स्वरूप हैं और उनका मुख्य धाम काशी (Varanasi) में स्थित है। मान्यता है कि माँ अन्नपूर्णा की कृपा से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती। वह समस्त संसार का भरण-पोषण करती हैं।
आरती के प्रमुख भाव और लाभ
इस आरती के गायन से निम्नलिखित आध्यात्मिक और भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं:
- अन्न-धन की प्राप्ति (Abundance of Food and Wealth): "अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम" - माँ का नाम लेने मात्र से ही भक्तों के सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं और घर अन्न-धन से भर जाता है।
- सर्वव्यापी शक्ति (Universal Power): "प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम" - यह पंक्ति देवी की शाश्वत शक्ति और महिमा का वर्णन करती है, जो हर युग में विद्यमान है।
- देवताओं द्वारा पूजित (Worshipped by Gods): "चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम" - ब्रह्मा (चतुरानन) और विष्णु (चक्रधर) जैसे महान देवता भी माँ के चरणों की वंदना करते हैं।
- शांति और निष्काम भक्ति (Peace and Selfless Devotion): अंतिम पंक्तियों में भक्त माँ से निष्काम भक्ति और शांति का वरदान मांगता है ("वर दे तू निष्काम")।
पूजन विधि और विशेष अवसर
- माँ अन्नपूर्णा की पूजा प्रतिदिन भोजन पकाने के बाद और भोजन ग्रहण करने से पहले करनी चाहिए।
- अन्नकूट (Annakut) महोत्सव, जो दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है, माँ अन्नपूर्णा की पूजा का सबसे विशेष दिन है।
- शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को माँ की विशेष आराधना की जाती है।
- उन्हें खीर, हलवा, और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
